२१ मई एवं २८ मई २०१० को क्रमशः हुस्सेपुर परनी छपरा (पारू) एवं डुमरी परमानंदपुर (साहेबगंज) में "सहजानंद किसान क्लब" एवं "संत विनोबा किसान क्लब" का उदघाटन किया गया. दोनों क्लब का उदघाटन नाबार्ड मुजफ्फरपुर की जिला विकास प्रबंधक प्रीति थोमस ने किया. इस अवसर पर थॉमस ने कहा कि क्लब का उद्देश्य किसानों को एक मंच देना है, जिसके जरिये किसान संगठित प्रयास से अपने अधिकारों का समुचित उपभोग कर सकें. कृषि विज्ञान केंद्र, सरैया के मृदा वैज्ञानिक डॉ. के. के. सिंह ने किसानों को मिटटी जाँच की जरूरत एवं तरीकों के बारे में विस्तार से बताया. नाबार्ड पटना की सहायक प्रबंधक सविता सिंह ने कहा कि यहाँ के किसानों का प्रयास सराहनीय है. हम इन्हें धन्यवाद् देते हैं. इस मौके पर जिला पार्षद मदन प्रसाद, चान्द्केवारी के सरपंच बलराम साह, शिक्षक हरेन्द्र प्रसाद सिंह, पंचायत समिती सदस्य हरेन्द्र कुशवाहा, किसान साथी क्लब के अध्यक्ष फूलदेव पटेल, सकलदेव दास, कादिर, संजय कुशवाहा आदि सैकड़ों किसान एवं समाजसेवी मौजूद थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच श्री मथुरा प्रसाद यादव ने किया एवं संचालन पंकज कुमार सिंह ने किया.
Saturday, May 29, 2010
Tuesday, March 16, 2010
दो किसान क्लब नाबार्ड से स्वीकृत
पारू एवं साहेबगंज प्रखंड में चल रहे दो किसान क्लब "संत बिनोवा किसान क्लब" एवं "सहजानंद किसान क्लब" को नाबार्ड ने वित्तीय सहायता देने के लिए स्वीकृत किया है. इन दोनों क्लब का विधिवत उदघाटन अप्रैल में किया जायेगा.
Thursday, February 4, 2010
दो -दिवसीय "ग्रामीण मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला" संपन्न
ग्रामीण महिलाओं का सामुदायिक चैनल "अप्पन समाचार" से जुडी महिला पत्रकारों एवं कुछ नई लड़कियों को लेकर मिशन आई इन्तरनेशनल सर्विस के बैनर तले आयोजित दो-दिवसीय 'ग्रामीण मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला' संपन्न हो गया। यह आयोजन बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित "बिहार महिला समाख्या" के सभागार में ३० से ३१ जनवरी २०१० तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें कुल ३७ महिलायें व लड़कियां शामिल हुई । इस कार्यशाला में मुशहर व अन्य दलित समुदाय की लड़कियां भी शामिल हुईं । प्रशिक्षण प्राप्त महिलायें/लड़कियां अप्पन समाचार के लिए रिपोर्टिंग करेंगी।
दो-दिवसीय इस कार्यशाला का उदघाटन बिहार विश्वविद्यालय के व्यस्क सतत शिक्षा विभाग की निदेशिका डॉ वंदना विजय लक्ष्मी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उनहोंने कहा कि मिशन आई का यह प्रयास "अप्पन समाचार" महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण है।
दूसरे दिन समापन सत्र के मौके पर उपस्थित मुजफ्फरपुर की जिला परिषद् अध्यक्ष श्रीमती किरण देवी ने कहा कि महिलायें अगर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करे तो समाज में परिवर्तन संभव है। अप्पन समाचार आज ग्रामीण महिलायों की आवाज बन गयी है। इसे आगे बढाने की जरूरत है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री नागेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा की खबरों के लिए गाँव काफी उर्वर है, लेकिन मुख्यधारा की पत्रकारिता की गहरी पहुँच आज भी वहां तक नहीं है। ऐसे में वैकल्पिक मीडिया "अप्पन समाचार" के और विस्तार और अधिक से अधिक जगहों पर प्रदर्शन की जरूरत है। इस अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं को आगत अतिथियों ने प्रमाण पत्र भी प्रदान किये। कार्यक्रम का संचालन मिशन आई के अध्यक्ष संतोष सारंग एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ हेमनारायण विश्वकर्मा ने किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने कैमरा चलाने का गुर सीखा। विजुअल मिडिया के बारे में एवं तकनिकी कौशल विकसित करने का भी हुनर सीखा। तीन ग्रुप में बंटकर लड़कियों ने तीन अलग-अलग मुद्दे पर स्टोरी शूट की। शहर में व्याप्त गन्दगी, रेड लाइट एरिया की हकीकत एवं कुष्ट रोगियों की व्यथा पर खबर शूट कर लड़कियों ने दिखा दिया कि उनके लिए कोइ काम कठिन नहीं है।
प्रशिक्षक थे - दैनिक जागरण के उप मुख्यसम्पादक कौशल किशोर शुक्ला व एम् अखलाक, टेलीविजन पत्रकार संतोष त्यागी व चन्द्र प्रकाश, फिल्म मेकर के. नीरज, दैनिक जागरण की ज्योति, अप्पन समाचार के संस्थापक संतोष सारंग, रोबिन रंगकर्मी व विडियो एडिटर राजेश कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ । इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत किये- प्रख्यात चिकित्सक व् सितारवादक डॉ निशीन्द्र किंजल्क, एनएसएस के पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ विकास नारायण उपाध्याय, महिला समाख्या की जिला कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती पूनम कुमारी, यूनिसेफ के आशीष, अमृतांज इन्दीवर, फूलदेव पटेल, अजित कुमार चौधरी आदि ।
प्रशिक्षु थीं-रिंकू कुमारी, खुशबू कुमारी, अनीता कुमारी, प्रिया कुमारी, पिंकी कुमारी, प्रियम कुमारी, रामा कुमारी, राधिका कुमारी, विजया लक्ष्मी, भावना प्रिती आदि।
दो-दिवसीय इस कार्यशाला का उदघाटन बिहार विश्वविद्यालय के व्यस्क सतत शिक्षा विभाग की निदेशिका डॉ वंदना विजय लक्ष्मी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उनहोंने कहा कि मिशन आई का यह प्रयास "अप्पन समाचार" महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण है।
दूसरे दिन समापन सत्र के मौके पर उपस्थित मुजफ्फरपुर की जिला परिषद् अध्यक्ष श्रीमती किरण देवी ने कहा कि महिलायें अगर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करे तो समाज में परिवर्तन संभव है। अप्पन समाचार आज ग्रामीण महिलायों की आवाज बन गयी है। इसे आगे बढाने की जरूरत है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री नागेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा की खबरों के लिए गाँव काफी उर्वर है, लेकिन मुख्यधारा की पत्रकारिता की गहरी पहुँच आज भी वहां तक नहीं है। ऐसे में वैकल्पिक मीडिया "अप्पन समाचार" के और विस्तार और अधिक से अधिक जगहों पर प्रदर्शन की जरूरत है। इस अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं को आगत अतिथियों ने प्रमाण पत्र भी प्रदान किये। कार्यक्रम का संचालन मिशन आई के अध्यक्ष संतोष सारंग एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ हेमनारायण विश्वकर्मा ने किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने कैमरा चलाने का गुर सीखा। विजुअल मिडिया के बारे में एवं तकनिकी कौशल विकसित करने का भी हुनर सीखा। तीन ग्रुप में बंटकर लड़कियों ने तीन अलग-अलग मुद्दे पर स्टोरी शूट की। शहर में व्याप्त गन्दगी, रेड लाइट एरिया की हकीकत एवं कुष्ट रोगियों की व्यथा पर खबर शूट कर लड़कियों ने दिखा दिया कि उनके लिए कोइ काम कठिन नहीं है।
प्रशिक्षक थे - दैनिक जागरण के उप मुख्यसम्पादक कौशल किशोर शुक्ला व एम् अखलाक, टेलीविजन पत्रकार संतोष त्यागी व चन्द्र प्रकाश, फिल्म मेकर के. नीरज, दैनिक जागरण की ज्योति, अप्पन समाचार के संस्थापक संतोष सारंग, रोबिन रंगकर्मी व विडियो एडिटर राजेश कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ । इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत किये- प्रख्यात चिकित्सक व् सितारवादक डॉ निशीन्द्र किंजल्क, एनएसएस के पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ विकास नारायण उपाध्याय, महिला समाख्या की जिला कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती पूनम कुमारी, यूनिसेफ के आशीष, अमृतांज इन्दीवर, फूलदेव पटेल, अजित कुमार चौधरी आदि ।
प्रशिक्षु थीं-रिंकू कुमारी, खुशबू कुमारी, अनीता कुमारी, प्रिया कुमारी, पिंकी कुमारी, प्रियम कुमारी, रामा कुमारी, राधिका कुमारी, विजया लक्ष्मी, भावना प्रिती आदि।
Thursday, December 31, 2009
दियारा में किसान क्लब का गठन
मिशन आई ने मुजफ्फरपुर जिले के पारू एवं साहेबगंज प्रखंड के दियारा क्षेत्र में किसान क्लुब का गठन किया है। ये हैं- "किसान साथी क्लब" चान्द्केवारी, "संत विनोबा किसान क्लब" डुमरी परमानंदपुर, "संत बाल्विजय किसान क्लब" डुमरी परमानंदपुर, "खेतिहर किसान क्लब" बंदी, "आदर्श किसान क्लब" सोहांसा (पारू), "सहजानंद किसान क्लब" हुस्सेपुर परनी छपरा, "आंबेडकर किसान क्लब" हुस्सेपुर मठिया (साहेबगंज) ।
सूचना अधिकार अधिनियम संशोधन के खिलाफ "विरोध मार्च"
सूचना का अधिकार अधिनियम में बिहार सरकार द्वारा किये गए संशोधन के खिलाफ एवं जानकारी मांगने वालों को प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किये जाने के खिलाफ मानवाधिकार संगठन "मिशन आई इन्तरनेशनल सर्विस" ने २९ दिसंबर 2009 को मुजफ्फरपुर (बिहार) में "विरोध मार्च" का आयोजन किया। संगठन अध्यक्ष संतोष सारंग के नेतृतव में यह मार्च खुदीराम बोस स्मारक स्थल से चलकर कचहरी होते हुए कल्याणी चौक पर पंहुचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए श्री सारंग ने कहा कि यह संशोधन आम जनों के हक़ में नहीं है। संशोधन लागू होने से सूचना प्राप्त करना कठिन हो गया है।
उपाध्यक्ष व संयोजक डॉ हेम्नारायण विश्वकर्मा ने कहा कि इतनी जागरूकता के बाद भी सूचना अधिकार क़ानून का प्रयोग देहाती क्षेत्र के लोग ज्यादा व् शहर के लोग कम करते हैं। क़ानून को लागू हुए अभी मात्र चार साल ही हुआ है, जो अभी शैश्वाकाल में ही है। और इतनी जल्दी संशोधन करना, वह भी बिना सूचना अधिकार कार्यकर्तायों की राय लिए, सरकार की नियत का खुलासा करता है।
सह संयोजक रॉबिन रंगकर्मी ने कहा कि जानकारी मांगने वाले के साथ हो रहे प्रशाशनिक प्रताड़ना का विरोध होना चाहिय।
भारतीय जनतांत्रिक जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू ने कहा कि एक तरफ बिहार सरकार पारदर्शी सरकार बताती है, वहीं दूसरी तरफ सूचना कानून में संसोधन कर नागरिकों को मिले हथियार को भी कमजोर करना चाहती है, जिसका विरोध होना चाहिय.
कल्याणी चौक पर सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख लोगों में संगठन के महासचिव प्रोफ़ेसर निराला वीरेंदर, संस्कृतिकर्मी शशिकांत झा, एनएनएस के पूर्व समन्वयक डॉ विकास नारायण उपाध्याय, सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद कमाल, रंजित जायसवाल, के नीरज, फूलदेव पटेल, विद्यासागर, सुजीत भारती, आनंद पटेल, भूषण ठाकुर, बीपी अखिलेश, विद्यासागर, सूर्य फिल्म्स के राजेश कुमार, अजित कुमार चौधरी आदि शामिल थे।
विरोध मार्च में कार्यकर्ता हाथ में काला छाता व् काला बैनर लेकर सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे। साथ ही, इससे सम्बंधित पर्चे भी बनते गए।
उपाध्यक्ष व संयोजक डॉ हेम्नारायण विश्वकर्मा ने कहा कि इतनी जागरूकता के बाद भी सूचना अधिकार क़ानून का प्रयोग देहाती क्षेत्र के लोग ज्यादा व् शहर के लोग कम करते हैं। क़ानून को लागू हुए अभी मात्र चार साल ही हुआ है, जो अभी शैश्वाकाल में ही है। और इतनी जल्दी संशोधन करना, वह भी बिना सूचना अधिकार कार्यकर्तायों की राय लिए, सरकार की नियत का खुलासा करता है।
सह संयोजक रॉबिन रंगकर्मी ने कहा कि जानकारी मांगने वाले के साथ हो रहे प्रशाशनिक प्रताड़ना का विरोध होना चाहिय।
भारतीय जनतांत्रिक जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू ने कहा कि एक तरफ बिहार सरकार पारदर्शी सरकार बताती है, वहीं दूसरी तरफ सूचना कानून में संसोधन कर नागरिकों को मिले हथियार को भी कमजोर करना चाहती है, जिसका विरोध होना चाहिय.
कल्याणी चौक पर सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख लोगों में संगठन के महासचिव प्रोफ़ेसर निराला वीरेंदर, संस्कृतिकर्मी शशिकांत झा, एनएनएस के पूर्व समन्वयक डॉ विकास नारायण उपाध्याय, सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद कमाल, रंजित जायसवाल, के नीरज, फूलदेव पटेल, विद्यासागर, सुजीत भारती, आनंद पटेल, भूषण ठाकुर, बीपी अखिलेश, विद्यासागर, सूर्य फिल्म्स के राजेश कुमार, अजित कुमार चौधरी आदि शामिल थे।
विरोध मार्च में कार्यकर्ता हाथ में काला छाता व् काला बैनर लेकर सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे। साथ ही, इससे सम्बंधित पर्चे भी बनते गए।
Friday, December 18, 2009
किसानों को केसीसी ऋण
मिशन आई द्वारा संचालित "किसान साथी क्लब" के प्रांगन में १६ दिसंबर २००९ को संगठन के प्रयास एवं क्लब के अनुमोदन से दियारा क्षेत्र के १५ किसानों को उत्तर बिहार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, धरफरी शाखा (पारू प्रखंड), मुजफ्फरपुर ने केसीसी ऋण वितरित किया है। साथ ही, दो किसानों को क्रमशः एक पम्पिंग सेट एवं एक चापाकल भी दिया गया है। बैंक के प्रबंधक श्री बसंत कुमार वर्मा ने ऋण बांटा । इस मौके पर मिशन आई के अम्रितांज इन्दीवर, ट्रस्टी पंकज सिंह, फूलदेओ पटेल, मोहम्मद कादिर, सकल्देओ दास, जगत कुमार कौशिक, हसरत अली आदि लोग एवं किसान क्लब से जुड़े किसान भी मौजूद थे।
Thursday, December 3, 2009
मानवाधिकार दिवस पर संगोष्टी
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष में १० दिसंबर को मानवाधिकार संगठन "मिशन आई इंटरनेशनल सर्विस" के बैनर तले संगोष्टी का आयोजन किया गया। मुजफ्फरपुर के कन्हौली स्थित "खादी भंडार परिसर" में आयोजित "मानवाधिकार व पुलिस की भूमिका" विषयक गोष्टी को संबोधित करते हुए आरक्षी अधीक्षक श्री सुनील कुमार ने कहा कि पुलिस समाज का ही एक अंग है। जैसा समाज होगा, वैसा ही तंत्र होगा। सिर्फ़ पुलिस के भरोसे मानवाधिकार की रक्षा सम्भव नहीं है। इसके लिए समाज को भी आगे आना होगा। इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आरक्षी अधीक्षक से जवाब-सवाल भी किया।
संगोष्टी को प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार श्री अनिल प्रकाश ने संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस आज भी उपनिवेशवादी सोच से नहीं उबरी है, इसलिए लोगों के अधिकारों के संरक्षण में सफलता नहीं मिल रही है। चिकित्सक व सितारवादक डॉ निशिन्द्र किंजल्क ने पुलिस की तुलना बिच्छु से किया और कहा कि इस तंत्र से उम्मीद करना बेमानी है। वही, संस्कृतिकर्मी श्री शशिकांत झा ने समाज के जागरूक लोगों और युवाओं से आह्वान किया कि मानवाधिकार के संरक्षण की जिम्मेदारी सिर्फ़ पुलिस को ही नहीं है।
गोष्टी को संबोधित करने वालों में अधिवक्ता डॉ संगीता शाही, कवि डॉ संजय पंकज, डॉ ममता रानी, भूपाल भारती, डॉ श्याम कल्याण, डॉ अरुण कुमार मिश्रा, परचम की सचिव नसीमा, आनंद पटेल आदि प्रमुख थे।
इस मौके पर डॉ उमेश कुमार प्रसाद, रिंकू कुमारी, फूल्दो पटेल, पंकज सिंह, रिंकी कुमारी, ममता कुमारी सहित काफ़ी लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ के मंत्री श्री रामचंद्र चौधरी ने किया, वही विषय प्रवेश मिशन आई के अध्यक्ष संतोष सारंग व मंच संचालन उपाध्यक्ष डॉ हेम नारायण विश्वकर्मा ने किया। स्वागत भाषण श्री रणजीत कुमार जायसवाल ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रोफ़ेसर निराला वीरेंदर ने किया।
कार्यक्रम समन्वयक
डॉ हेमनारायन विश्वकर्मा
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