Tuesday, January 18, 2011
Wednesday, January 5, 2011
मिशन आई एक क्रांति है
मिशन आई का मिशन है ये, सबको उसका अधिकार मिले
आज नहीं तो कल सबको, उसका सपना साकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति हैं!
मेहनत की, मजदूरी की
उम्र भी लगभग पूरी की
न पेट भरा जिसका अबतक
सांसों से थके इस बूढ़े को
नई पीढ़ी का उपहार मिले-
हँसता-गाता परिवार मिले
मिशन आई..........अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
बचपन भी ना देखा था कि
लद गए कई बच्चों के भार
पति गया परदेस कमाने
जान सकी ना उसका प्यार
ऐसी अधूरी नारी को, उसका पूरा श्रृंगार मिले
खेती-बाड़ी घर-बार, पति के संग हर त्यौहार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
बिलखे ममता यहाँ-वहां
भोजन बिन उतरे दूध कहाँ?
आँचल के करे कितने टुकड़े
मासूम ढके या अपना तन?
हां, ऐसी अध्ब्याही मां को
अन्न-जल से भरा भण्डार मिले
उसको उसका संसार मिले
मिशन आई...........अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
नौकरी की तलाश में जो
ऑफिस-ऑफिस फिरते हैं
रोज ही जो सौ सीढ़ी चढ़ते
और सौ रोज उतरते हैं
हताश ऐसे लोगों को-
कहीं नहीं दुत्कार मिले
भले नौकरी मिले ना मिले
मगर भला व्यवहार मिले
मिशन आई................अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
कुत्ता सोता कार में जिनके
नौकर सोता सीढ़ी पर
हुक्का पीनेवाला माली
अब जीता एक बीड़ी पर
ऐसे घूसखोरों के सर पर
अब जूतों की मार मिले
जिनके पास है काबलियत बस
उन्हें नौकरी और कार मिले.
मिशन आई.............अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
आज नहीं तो कल सबको, उसका सपना साकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति हैं!
मेहनत की, मजदूरी की
उम्र भी लगभग पूरी की
न पेट भरा जिसका अबतक
सांसों से थके इस बूढ़े को
नई पीढ़ी का उपहार मिले-
हँसता-गाता परिवार मिले
मिशन आई..........अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
बचपन भी ना देखा था कि
लद गए कई बच्चों के भार
पति गया परदेस कमाने
जान सकी ना उसका प्यार
ऐसी अधूरी नारी को, उसका पूरा श्रृंगार मिले
खेती-बाड़ी घर-बार, पति के संग हर त्यौहार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
बिलखे ममता यहाँ-वहां
भोजन बिन उतरे दूध कहाँ?
आँचल के करे कितने टुकड़े
मासूम ढके या अपना तन?
हां, ऐसी अध्ब्याही मां को
अन्न-जल से भरा भण्डार मिले
उसको उसका संसार मिले
मिशन आई...........अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
नौकरी की तलाश में जो
ऑफिस-ऑफिस फिरते हैं
रोज ही जो सौ सीढ़ी चढ़ते
और सौ रोज उतरते हैं
हताश ऐसे लोगों को-
कहीं नहीं दुत्कार मिले
भले नौकरी मिले ना मिले
मगर भला व्यवहार मिले
मिशन आई................अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
कुत्ता सोता कार में जिनके
नौकर सोता सीढ़ी पर
हुक्का पीनेवाला माली
अब जीता एक बीड़ी पर
ऐसे घूसखोरों के सर पर
अब जूतों की मार मिले
जिनके पास है काबलियत बस
उन्हें नौकरी और कार मिले.
मिशन आई.............अधिकार मिले.
मिशन आई एक क्रांति है!
( गीतकार राकेश निराला ने यह गीत मिशन आई के लिए लिखा है)
Friday, December 10, 2010
Wednesday, November 17, 2010
Saturday, November 13, 2010
प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम
![]() |
| मिशन आई के अध्यक्ष संतोष सारंग प्रमाण पत्र वितरित करते हुए. |
![]() | |
| छात्रों के साथ संस्थान के निदेशक अमृतांज इन्दीवर, मनोज वत्स व अन्य. |
संतोष सारंग ने छात्रों को संबोधित करते हुये कहा कि यह युग आईटी का है. जो छात्र कंप्यूटर नहीं सीखा वह आज की तारीख में निरक्षर हैं. इस क्षेत्र में अवसरों की कमी नहीं है.
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक अमृतांज इन्दीवर, मिशन आई के ट्रस्टी फूलदेव पटेल, सूचना अधिकार कार्यकर्ता विद्यासागर आदि मौजूद थे. मौके पर तेरह छात्र-छात्रों को प्रमाण पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी.
Wednesday, August 25, 2010
"ग्राम्या वर्ल्ड पब्लिकेशन" मिशन आई का प्रकाशन समूह
मिशन आई सामजिक व सांस्कृतिक परिवर्तन को एवं गंभीर चिंतन को किताबों के जरिये प्रतिबिंबित करने के उद्दयेश से एक प्रकाशन संस्थान लॉन्च किया है. "ग्राम्या वर्ल्ड पब्लिकेशन" नाम से यह समूह पिछले साल लॉन्च हुआ था. अब तक कुछ किताबों का प्रकाशन और मुद्रण किया जा चुका है. यह प्रकाशन संस्थान "सर्वोदय डायरी २००9", "सर्वोदय डायरी २०१०" और "कृषि वाहिनी" पत्रिका का मुद्रण कर चूका है.
Wednesday, August 4, 2010
दियारा में प्रेरक काम करता 'किसान साथी क्लब'
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